शिशुगीत : डा. नागेश पांडेय 'संजय'
मेरे नाम अनेक , दोस्तों ,
मैं छोटा सा भोलू .
कोई मुझसे सोनू कहता ,
कोई कहता गोलू .
दादा जी कहते हैं टिंकू ,
दादी कहती कालू .
मम्मी मुझसे लल्ला कहतीं,
पापा कहते लालू .
मेरे घर जब आता कोई,
कहता -नाम बताओ ?
चुप रह जाता , सर चकराता
क्या बोलूँ ? बतलाओ ?







3 आप की राय:
बहुत ही सुंदर सी कविता ...मेरे भी घर में कई नाम हैं....
वाह जी बहुत अच्छी लगी यह रचना, ओर नाम भी बहुत प्यारे लगे:)
बहुत ही सुन्दर गीत -शब्द चित्र है यह कविता एक भाव चित्र ,बखान भी बच्चे के आसपास ही कहीं होने का एहसास कराती हुई रचना .
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