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veer putr baal kavita

प्रस्तुतकर्ता निर्मला कपिला

वीर पुत्र

वीर सैनिको निर्भय हो कर आगे बढते जाना
सीने पर हंस गोली खाना पीछे लौट नआना

धरती माता को प्रणाम कर,
आगे बढ्ते जाओ
मातृभूमि के लिये युद्ध मे
बढकर शीश कटाओ


किसी मुल्य पर राष्टृ रक्षको लक्षय विजय का पाना
माता बहने चाह रही हैं जय का तिलक लगाना

तुम्हीं यश तेज पराक्रम
तुम गौरव गरिमा हो
उदहारण हो सकल विश्व के
तुम स्वदेश महिमा हो

शपथ शत्रु को करो पराजित,कहता नया जमाना
कदम बढाते चलो निरन्तर समय न तनिक गवाना

जन्म भूमि की रक्षा मे जो
अपने प्राण लुटाते हं
शीश झुकाते सूर्य चन्द्र
मेले पर्व मनाते हैं

खट्टे करना दाँत शत्रु के पीछे फिर मुस्काना
वीरपुत्रब शस्त्र उठाओ पहन युद्ध का बाना
lekhak Dr. Chakardhar Nalin


chchanda mama

प्रस्तुतकर्ता निर्मला कपिला

चन्दा मामा
चन्दा मामा हाथ उठा कर,
भईया जी हैं नित्य बुलाते।
सोते नहीं देखते एक टक ,
कब से इन को खडे सुलाते

आसमान से नाता तोडो,
अपने को धरती से जोडो।
मुस्काते हैं गोद उठाओ,
इन से कभी नहीं मुख मोडो।

इन के संग घोड्र पर बैठो,
इन के संग हाथी पर बैठो।
दूध मलाई जी भर खाऔ,
भईया के घर चन्दा आओ।
लेखक --डा. चक्रधर नलिन जी

loosi raani--kavita

प्रस्तुतकर्ता निर्मला कपिला

लूसी रानी
लूसी रानी सूट पहन कर
बाँध गले मे टाई
भों भों कर अँग्रेजी बोले
हेलो बाई बाई
भागी देख बंदर भईया
जब पड गये दिखाई
विभु दादा डंडा ले कर दौडे
इनकी जान बचाई
खों खों कर बन्दर जी लौटे
रुकी साँस फिर आयी
जान बची लूसी रानी की
देती थैन्क्स बधाई
लेखक डा. चक्रधर नलिन जी